
आगरा, भारतीय जनता पार्टी जो कि कभी जनपद में विपक्षी दल की अहम भूमिका निर्वाह करते हुए राजनैतिक तौर पर काफी ताकतवर थी, वर्तमान में मेयर और सांसद होते हुए भी लगभग असरहीन हो चुकी है। स्थिति यहां तक गडबडाई हुई है कि विधान परिषद की स्थानीय निकाय सीट का चुनाव तक नहीं लड सकी। जहां पार्टी की प्रत्याशी श्रीमती प्रेम कुमारी परमारचुनाव बुरी तरह से हार गईं वहीं पार्टी के डमी प्रत्याशी ने एक अन्य पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लडा और आधिकारिक प्रत्याशी से कहीं अधिक वोट हांसिल किये।
सबसे मजेदार तथ्य तो यह है कि इस करारी हार के बाद भी मेयर अंजुला सिंह माहौर और सांसद रामशंकर कठैरिया खामोश नहीं बैठे हैं, पार्टी के महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता और जिलाध्यक्ष महेश बघेल अगर इस झगडे को खत्म करवाने के लिये कोई को शिश भी करते हैं तो पार्टी का बृज क्षेत्र कार्यालय बीच में हस्ताक्षेप करने का कोई मौका नहीं छोडता। संघ के दिग्गज भी राजनीति के इस खेल में कमजोर नहीं दिखना चाहते । गैर राजनीति माना जाने वाला यह मंच कम से कम संसद और मेयर के इस झगडे में न मूक ही है और नहीं तठस्थ ही।