यमुना एक्‍सप्रेस वे का जनवरी 2012 के बाद लोकापर्ण


आगरा, यमुना एक्‍सप्रेस वे बनकर तैयार हो गया है, ग्रेटर नोयडा से आगरा तक के बीच बने इस नये मार्ग से शुरू में सौ कि मी की रफ्तार से वाहन दौड सकेंगें, जबकि मार्ग की डिजायन 120 कि मी स्‍पीड तक की रफ्तार के लिये है। वैसे मुख्‍य काम इस हाई वे के हो गये हैं किंतु आधिकारिक रूप से इसे खोलने की तारीख शासन के द्वारा तय की जायेगी जबकि रहे बचे काम मार्च 2012 तक पूरे हो जाने की संभावना है।

वैसे अनाधिकारिक रूप से यमुना एक्सप्रेस-वे को पब्लिक के लिए खोलने के पहले जेपी के आला-अफसरों ने खुद ट्रायल पूरा कर लिया। ये काम गुपचुप तरीके से हुआ। न जेपी के स्थानीय अफसरों को खबर दी गई और न ही प्रशासनिक अफसरों को। बुधवार को तीन गाड़ियों से आए जेपी के अफसरों ने निर्माण की गुणवत्ता से लेकर काम की मौजूदा रफ्तार को भी देखा। जेपी समूह के सूत्रों के मुताबिक नोएडा से आगरा तक 165 किमी. छह लेन वाले यमुना एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन जल्दी ही हो सकता है।

इसके लिए जितनी जल्दी जेपी के अफसरों को है, कहीं उससे ज्यादा सरकारी तंत्र को। ये जल्दी विधानसभा चुनाव को लेकर है। बहनजी ने इस हाईवे-प्रोजेक्ट को पूरा कराने के लिए क्या कुछ नहीं झेला? टाउनशिप के लिए 500 हेक्टेयर और इंटरचेंज के लिए 50 हेक्टेयर पर कब्जा जमाने के दौरान किसानों से जबर्दस्त टकराव भी सहा। बीते साल 14-15 अगस्त को किसानों पर गोलीबारी हुई तो टप्पल राजनीति का अखाड़ा बन गया, नई पुनर्वास नीति भी लानी पड़ी। अब निर्माण पूरा हो चुका है। अब इंतजार है तो बस बहनजीके हाथों हरी झंडी