
आगरा: प्रख्यात लेखक सलमान रुषदी के भारत आने का एक बार फिर विरोध शुरू हो गया है। भारत सरकार के विदेश विभाग के द्वारा कानूनी स्थिति स्पष्ट करने के बावजूद भी आक्रोष जताने वाले खामोश नहीं हुए हैं।दारुल उलूम देवबंद के वाइस चांसलर मौलाना अब्दुल कासिम की ओर से विरोध के लिए सबसे पहले आवाज उठाई गई। उनका कहना था कि भारत सरकार को रुषदी का बीसा निरस्त कर देना चाहिये थ। इस पर केन्द्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि रुषदी को भारत आने के लिए किसी वीसे की जरूरत ही नहीं है। वह भारत मूल के हैं और उनके पास पर्सन आफ इंडियान ओरी जन कार्ड (पी आई ओ) है।भाजपा नेता निर्मिला सीथारमन का कहना है कि इस प्रकार के विवाद उत्पन्न कर कांग्रेस पांच राज्यों में चल रहे चुनाव में फायदे के लिए सांप्रदायिक सोच के को बल प्रदान कर बोट की राजनीति कर रही है।समाज वादी पाटी के नेता शाहिद सिद़दकी ने कहा है कि कांग्रेस दोहरी नीति अपना रही है।उधर जयपुर लिट्रेचर फस्टिविल की आयोजक टीम वर्क प्राडैक्शन के डायरैक्टर संजोय राय के अनुसार जयपुर का आयोजन वक्ताओं को वोलने की खुली स्वतंत्रता देता है फिर कैसे उन्हें आने से रोका जा सकता है।